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मध्यप्रदेश

खजाना भरने वाली गाइडलाइन लागू हुई तो संपत्ति की खरीद-फरोख्त में गिरावट तय

भोपाल। कोरोना महामारी के बाद बमुश्किल रियल एस्टेट कारोबार में उछाल आया है। अब इस पर फिर से संकट मंडराने लगा है। लेकिन यह कोरोना जैसी महामारी का नहीं है, बल्कि राजस्व का खजाने भरने वाली प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन का है। इसके लागू होने से पहले संपत्ति मामलों के सलाहकार व बिल्डरों ने चिंता जताते हुए कहा कि उक्त प्रस्ताव में प्रापट्री के दाम बढ़ाने की सिफारिशे हैं, जो लागू हुई तो कारोबार में गिरावट आना तय है, इसलिए लोगों को ध्यान में रखते हुए उक्त प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की कलेक्टर गाइडलाइन के लिए बनाए गए प्रस्ताव में शहर की 3918 स्थानों में से 733 स्थानों पर ढाई से 25 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है।

1454 स्थानों पर हुई 50 से 100 प्रतिशत अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां

जिले में 1454 स्थान ऐसे हैं जहां कलेक्टर गाइडलाइन की दरों से 50 से 100 प्रतिशत अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।यह बढ़ोतरी कोरोना काल के बाद हुई है। संपत्ति सलाहकारों का कहना है कि यदि रेट बढ़ाए जाते हैं तो इसमें गिरावट आएगी।

हुजूर तहसील में 1393 दस्तावेज हुए अधिक दरों पर पंजीकृत

शहरी – ग्रामीण – प्रतिशत आधिक्‍य

759 – 222- 50

249 – 72 – 50 से 100

70 – 21 – 100 प्रतिशत से अधिक

बैरसिया तहसील में 61 दस्तावेज हुए अधिक दरों पर पंजीकृत

शहरी – ग्रामीण – प्रतिशत आधिक्‍य

40 – 10 – 50

1 – 1 – 50 से 100

6 – 3 – 100 प्रतिशत से अधिक

3897 में से 2402 स्थानों पर हुआ दस्तावेजों का पंजीयन

उप जिला – शहरी – ग्रामीण – कुल

हुजूर – 1717 – 330 – 2047

बैरसिया- 210 – 145 – 355

जिले में कुल – 1927 – 475 – 2402

शहर के 568 स्थानों पर वृद्धि प्रस्तावित

प्रस्तावित वृद्धि – हुजूर शहरी – हुजूर ग्रामीण – बैरसिया शहरी- बैरसिया ग्रामीण – कुल

ढाई से 10 प्रतिशत – 297 – 70 – 22 – 20 – 409

10 से 20 प्रतिशत – 235 – 71 – 2 – 0 – 308

20 से 25 प्रतिशत – 12 – 4 – 0 – 0 – 16

कुल – 544 – 145 – 24 – 20 – 733

आमजन की बढ़ जाएगी मुश्किल

पहले से ही स्टाम्प ड्यूटी 12.50 प्रतिशत है, जो कि देश में सबसे अधिक मध्यप्रदेश में है। ऐसे में यदि कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार दरों में वृद्धि की जाती है तो निश्चित तौर पर रियल एस्टेट बाजार में जो बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, उसमें गिरावट आएगी। वहीं, किसान के लिए जमीन को बेचना और खरीदना दोनों ही मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रापर्टी की वृद्धि को स्थिर रखना चाहिए।

नमन अग्रवाल, रियल एस्टेट कारोबारी

मुश्किल से बाजार ने पकड़ी है रफ्तार

कोरोना काल के दौरान जो स्थिति निर्मित हुई थी, उससे ऐसा लग रहा था कि अब आम आदमी के लिए प्रापर्टी खरीदना मुश्किल हो जाएगा। जब कोरोना काल गुजरा तो लोगों का अचानक से प्रापर्टी खरीदने की तरफ रुझान देखने को मिला है। चालू वित्तीय वर्ष में भोपाल के 500 स्थानों पर पांच से 20 प्रतिशत तक प्रापर्टी की दरें बढ़ाई गई थीं। इसके बाद भी लोगों ने अपना घर होने के आशियाने को साकार करने में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर प्रापर्टी खरीदी है। जिससे सरकार को भी अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ है। यदि ऐसे में प्रापर्टी के दाम बढ़ाए जाते हैं तो निश्चित रूप से प्रापर्टी कारोबार में स्थिरता आएगी। जिसका प्रभाव बड़े स्तर पर पड़ेगा।

– एकता रंजन, संपत्ति सलाहकार

आम लोगों से कलेक्टर गाइडलाइन के लिए प्रस्तावित वृद्धि के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। वह 18 मार्च तक अपने सुझाव और आपत्ति जिला पंजीयन कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। जिन पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

-रामेश्वर शर्मा, विधायक एवं अध्यक्ष, प्रापर्टी दाम निर्धारण समिति

गाइडलाइन पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। यदि किसी को लगता है कि प्रस्तावित दरों में बदलाव किया जाना चाहिए तो वह अपने दावे-आपत्ति आनलाइन व पंजीयन कार्यालयों में दर्ज करा सकता है।

– अविनाश लवानिया, अध्यक्ष, जिला मूल्यांकन समिति

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