ब्रेकिंग
भोपाल मेट्रो: रोज करीब 5 लाख रुपये खर्च, महीनेभर में सिर्फ 5 लाख रुपये की आय पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी भोपाल की हरियाली पर फिर खतरा, शिवाजी नगर से चार इमली तक री-डेंसिफिकेशन की तैयारी क्या दतिया में फिर से उपचुनाव होगा? बढ़ेंगी घनश्याम सिंह की मुश्किलें? मध्य प्रदेश में लागू नहीं होगा 27 प्रतिशत OBC आरक्षण, 14% मान्य, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला 450 करोड़ के रेलवे स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें MPPSC की परीक्षा अगले साल दो बार होगी , 12 मेडिकल कॉलेज बनेंगे , सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान CM यूथ कॉन्क्लेव 2026’ 6 अक्टूबर को भोपाल में होगा अमित शाह का भोपाल दौरा: 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का किया भूमिपूजन सीएम मोहन यादव की बड़ी सौगात, 'भोपाल मास्टर प्लान-2047' का ड्राफ्ट तैयार
मध्यप्रदेश

बिगड़ा मौसम का मिजाज भोपाल इंदौर नर्मदापुरम संभागों में गरज-चमक के साथ पड़ सकती हैं बौछारें

भोपाल। वर्तमान में अलग–अलग स्थानों पर बनी दो मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी से नमी मिल रही है। इस वजह से राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के अधिकतर शहरों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। साथ ही कहीं-कहीं ओले भी गिर रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक विदिशा में 20, रायसेन में 13.4, खरगोन में 11, सीहोर में 8.5, भोपाल में 5.4, देवास में सात, शाजापुर में दो, राजगढ़ में दो, गुना में 1.2, इंदौर में 0.3, पन्ना में 22.1, छतरपुर में 15, दमोह में 10, सतना में छह, सागर में 3.6, बालाघाट में तीन, अनूपपुर में 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। भोपाल, राजगढ़, देवास, खरगोन और मंदसौर में ओले भी गिरे। इससे फसलों को काफी नुकसान भी हुआ है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को भी दोपहर के बाद भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग के जिलों में कहीं–कहीं गरज–चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बादल बने रहने के कारण अधिकतम तापमान में विशेष बढ़ोतरी होने के आसार नहीं हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में विदर्भ से लेकर केरल तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के मुताबिक इन दो मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। साथ ही वर्षा होने के कारण मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में नमी बनी हुर्इ है। इस वजह से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होते ही बादल छाने लगते हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ वर्षा होने लगती है। रविवार को भी सुबह से आंशिक बादल बने हुए हैं। दोपहर के बाद राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, ग्वालियर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। हालांकि मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने के कारण सोमवार से धीरे-धीरे साफ होने की भी संभावना है। इस वजह से तापमान में बढ़ोतरी भी होने लगेगी।

Related Articles

Back to top button