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फर्जी ई-बिल घोटाले ,भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई,

भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त का छापा, करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले की जांच शुरू, 10 साल के रिकॉर्ड जब्त

भोपाल नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। लोकायुक्त की टीम ने फतेहगढ़ स्थित निगम की कंप्यूटर शाखा और लिंक रोड नंबर-2 स्थित मुख्यालय के आईटी सेक्शन में एक साथ दबिश दी। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के फर्जी बिल और अवैध भुगतान के मामले से जुड़ी बताई जा रही है। मामले में अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवितकर सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

कागजों पर फर्जी बिल लगाकर चल रहा था खेल!

जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त की टीम को लंबे समय से नगर निगम के ऑफिस में चल रहे कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिल रही थी. नगर निगम में बिना किसी काम के किए हुए ही कागजों पर फर्जी तरीके से बिल लगाकर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था. फर्जीवाडे़ की लगातार आ रही शिकायतों के बाद लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम के दोनों ऑफिस पर छापेमारी की कार्रवाई की.

डिजिटल रिकॉर्ड जब्त

लोकायुक्त की टीम सुबह करीब 9 बजे कर्मचारियों के आने से पहले ही निगम कार्यालय पहुंच गई थी। टीम ने कंप्यूटर सिस्टम अपने कब्जे में लेकर रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। फतेहगढ़ और मुख्यालय के आईटी सेक्शन में शाम तक जांच की गई। सर्च वारंट के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने एसएपी सॉफ्टवेयर से जुड़ी हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनके आधार पर भुगतान से जुड़ी कड़ियों की जांच की जाएगी।

फर्जी ई-बिल का मामला

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम की केंद्रीय कर्मशाला और मोटर वर्कशॉप में वाहनों की पेंटिंग और मरम्मत के नाम पर फर्जी ई-बिल तैयार किए गए। बिना वास्तविक कार्य कराए ही करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि यह रकम अधिकारियों के परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के खातों में ट्रांसफर की गई।

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