गर्मी में पानी की कमी से होती है किडनी में पथरी

ग्वालियर। गर्मी के मौसम में शरीर को पानी की आवश्यकता अधिक होती है। क्योंकि गर्मी के मौसम में पानी की कमी से बाडी डिहाइड्रेड होती है जिस कारण से किडनी में पथरी होने की आशंका बढ़ जाती है। यह कहना था सिम्स हास्पिटल के यूरोलाजिस्ट डा. गौरव गोयल का। डा. गोयल ने बताया कि स्व शीतला सहाय की जनकल्याणकारी योजना को लेकर संचालित हो रहा सिम्स मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल कैंसर हिल्स, ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल आमजन के लिए है। यहां पर आयुष्मान योजना , ईसीएचएस, सीजीएचएस, रेल्वे , ईएसआई, सीआरपीएफ, बीएसएफ एवं विभिनन टीपीए के माध्यम से सिम्स हास्पिटल के यूरोलाजी विभाग में अत्याधुनिक दुरबीन पद्दति से उपचार दिया जाता है। जिसमें गुर्दे की पथरी, मूत्र मार्ग की पथरी का आपरेशन किया जाता है। इसके अलावा ह्दयरोग, यूरोलाजी व अन्य बीमारियों का उपचार दिया जाता है। यह अस्पताल डा नीरज शर्मा के द्वारा संचालित किया जा रहा है।
शिविर में माथुर वैश्य समाज के 45 युवाओं ने किया रक्तदान
माथुर वैश्य इंटरनेशनल यूथ क्लब ग्वालियर द्वारा रेडियंट स्कूल नया बाजार पर रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रक्तदान के साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, सीबीसी, आंखों की जांच, ईएण्डटी आदि जांच सु चिकित्सकों द्वारा कर दवाईयां वितरित की गई। शिविर में 45 युवाओं ने रक्तदान किया।शिविर का शुभारंभ एमवीआई के वर्तमान डिस्ट्रिक्ट गर्वनर विजय गुप्ता, पीपीआई दीपक गुप्ता, पीपीआई ई. दिवाकर नाथ गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट वाईस गर्वनर सुरेशचंद्र गुप्ता ने किया। रक्तदाताओं को सर्टिफिकेट के साथ गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया। शिविर संचालन में रमाकांत गुप्ता सीए एवं अजीग गुप्ता ने विशेष सहयोग किया। शिविर में डा. केके तिवारी, डा. राधा गुप्ता, डा. आरके गुप्ता, डा. राजेश गुप्ता, डा. अभिनव गुप्ता, डा. निकिता गुप्ता, डा. सुरेन्द्र गुप्ता, डा. नीरज गुप्ता होम्योपैथी, डा. पीसी माथुर, डा. श्रेया गुप्ता सहित 15 अन्य चिकित्सकों ने अपना समय दिया और मरीजों को माथुर वैश्य इंटरनेशनल यूथ क्लब द्वारा उपलब्ध कराई दवाईयां भी निशुल्क वितरित की। एमवीआई यूथ क्लब द्वारा संचालित इस शिविर में अमित गुप्ता, नीरज गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, दुर्गेश गुप्ता, मोहन गुप्ता, कृणाल गुप्ता, अमर गुप्ता एवं रामप्रकाश गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। । शिविर में ब्लड एकत्रित करने का कार्य जेएएच ग्रुप की टीम द्वारा किया गया। अंत में चिकित्सकों व सक्रिय कार्यकर्ताओं समेत लगभग 120 सहयोगियों को सम्मानित किया गया।


