ब्रेकिंग
भोपाल मेट्रो: रोज करीब 5 लाख रुपये खर्च, महीनेभर में सिर्फ 5 लाख रुपये की आय पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी भोपाल की हरियाली पर फिर खतरा, शिवाजी नगर से चार इमली तक री-डेंसिफिकेशन की तैयारी क्या दतिया में फिर से उपचुनाव होगा? बढ़ेंगी घनश्याम सिंह की मुश्किलें? मध्य प्रदेश में लागू नहीं होगा 27 प्रतिशत OBC आरक्षण, 14% मान्य, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला 450 करोड़ के रेलवे स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें MPPSC की परीक्षा अगले साल दो बार होगी , 12 मेडिकल कॉलेज बनेंगे , सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान CM यूथ कॉन्क्लेव 2026’ 6 अक्टूबर को भोपाल में होगा अमित शाह का भोपाल दौरा: 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का किया भूमिपूजन सीएम मोहन यादव की बड़ी सौगात, 'भोपाल मास्टर प्लान-2047' का ड्राफ्ट तैयार
मध्यप्रदेश

तहसीलदार बनाने का झांसा देकर लाखों ठगे एसडीएम पर केस

इंदौर। क्राइम ब्रांच में चौंकाने वाला मामला आया है। पुलिस ने एक व्यक्ति पर केस दर्ज किया है जो स्वयं को एसडीएम बता कर लोगों से रुपये ऐंठता था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके पूर्व नीलम पाराशर नामक महिला गिरफ्तार हुई थी जो एसडीएम बनकर लोगों को ठगती थी।

अपराध शाखा के डीसीपी निमिष अग्रवाल के मुताबिक हिमांशु पुत्र हरिश कुमार जैन निवासी सबरी नगर सुखलिया की शिकायत पर आरोपित मुकेश राजपूत निवासी डोलरिया होशंगाबाद के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित शीतल नगर, विजय नगर में रहता था। उसने स्वयं को डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) बताया और कहा कि वह नायब तहसीलदार और क्लर्क की नौकरी लगवा सकता है।

आरोपित ने मौसी की बेटे शशांक को नायब तहसीलदार और मौसी सुलभा को क्लर्क की नौकरी लगवाने का बोलकर करीब पांच लाख रुपये नकद और स्कीम-54 में प्लाट दिलाने का झांसा देकर रुपये ले लिए। आरोपित द्वारा ठगी की भनक लगी तो क्राइम ब्रांच को शिकायत की गई। इसके पूर्व पुलिस ने नीलम पाराशर को तेजाजी नगर से पकड़ा था जो खुद को एसडीएम बता कर बेरोजगार युवाओं से रुपये ऐंठती थी।

Related Articles

Back to top button