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मध्यप्रदेश

इंदौर की टीम होलकर ने एक बार फिर किए अंग्रेज के दांत खट्टे

इंदौर। कभी क्रिकेट के मैदान में इंदौर की होलकर टीम अंग्रेजों के दांत खट्टे किया करती थी। उस टीम के कर्नल सीके नायडू से लेकर कैप्टन मुश्ताक अली की बल्लेबाजी मशहूर थी। उन्हीं होलकर के नाम पर बने इंदौर के स्टेडियम पर अंग्रेज रेफरी क्रिस ब्राड ने ‘खराब’ पिच का दाग लगाने का प्रयास किया। इस बार फिर ‘टीम होलकर’ ने अपने तर्कों से अंग्रेज रेफरी के दांत फिर खट्टे कर दिए। भारत बनाम आस्ट्रेलिया टेस्ट के दौरान इंदौर के पिच को लेकर दिए मैच रेफरी के फैसले को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने बदल दिया।

होलकर स्टेडियम में एक मार्च से भारत और आस्ट्रेलिया के बीच बार्डर-गावस्कर ट्राफी का तीसरा टेस्ट खेला गया था। पांच दिन का मैच तीन दिन में ही समाप्त हो गया था। पहले दो टेस्ट जीतने वाली भारतीय टीम यहां आस्ट्रेलिया से हार गई थी। हार से हताश प्रशंसकों को तब और भी खराब लगा, जब इंदौर के होलकर स्टेडियम की पिच को मैच रेफरी क्रिस ब्राड ने ‘खराब’ श्रेणी का करार दिया। इसके साथ ही तीन नकारात्मक अंक भी दिए थे।

पिच को आइसीसी ने औसत से कम माना

इसी सीरीज के पहले दो टेस्ट भी तीन दिन में समाप्त हुए थे, लेकिन वहां मैच रेफरी कोई और थे और फैसला भी इंदौर से अलग रहा। नियमानुसार 14 दिन के अंदर फैसले के खिलाफ अपील करना थी। मेजबान मप्र क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) ने अपनी ओर से तर्क तैयार कर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) को उपलब्ध कराए। अब आइसीसी ने फैसला बदलते हुए माना है कि पिच की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा जाए। पिच को आइसीसी ने औसत से कम माना। तीन नकारात्मक अंक की जगह केवल एक नकारात्मक अंक रखा।

एमपीसीए ने जताई खुशी

एमपीसीए के सचिव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय रेफरी संजीव राव ने कहा- खुशी की बात है कि इंदौर के स्टेडियम के खिलाफ दिया गया सख्त फैसला आइसीसी ने पलट दिया। एमपीसीए के पूर्व प्रमुख और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस मामले में बहुत सक्रिय रहे। उन्होंने बीसीसीआइ के पदाधिकारियों से लगातार चर्चा कर एमपीसीए का पक्ष रखा। राव ने बताया कि रेफरी ने जिस आधार पर होलकर स्टेडियम की पिच के खिलाफ फैसला सुनाया था, हमने तर्कों के साथ उसका खंडन किया था।

ये दिए थे तर्क

राव ने बताया कि रेफरी ने कहा था कि पिच पूरी तरह स्पिनरों को मदद कर रही है, जबकि हमने बताया कि तेज गेंदबाजों को भी सफलता मिली है। उनका कहना था कि यहां गेंद व बल्ले के बीच संतुलन नहीं था और बल्लेबाजी बहुत मुश्किल थी। हमने बताया कि बल्लेबाजों ने भी रन बनाए हैं। मैच के तीसरे दिन से सामान्यत: बल्लेबाजी मुश्किल होती है जबकि इंदौर में तीसरे दिन आस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने बड़ी साझेदारी कर मैच जीता। यहां जो बल्लेबाज अच्छा खेला, उसने यहां रन बनाए। ऐसे तमाम कारण शामिल करते हुए हमने अपना जवाब तैयार किया था।

सख्त मिजाज रेफरी माने जाते हैं ब्राड

एमपीसीए के पिच क्यूरेटर समंदर सिंह चौहान ने कहा कि क्रिस ब्राड बहुत सख्त मिजाज रेफरी माने जाते हैं। उन्होंने इंदौर की पिच को लेकर जो फैसला सुनाया वह भी इसी अंदाज में था। यह खुशी की बात है कि आइसीसी ने माना की पिच खराब नहीं थी। यहां आस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों ने तीसरे दिन अच्छी बल्लेबाजी कर अपनी टीम को जिताया था। जो बल्लेबाज बेहतर खेले, उन्होंने रन बनाए।

आधिकारिक सूचना अब तक नहीं

आइसीसी द्वारा इंदौर के होलकर स्टेडियम की पिच को खराब श्रेणी से हटाने और नकारात्मक अंक भी कम करने की सूचना आइसीसी ने अपने वेबसाइट पर पोस्ट की है। मगर अब तक एमपीसीए को इसकी आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। सचिव राव ने कहा- हमें भी मीडिया के जरिए पिच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। उम्मीद है जल्द ही आधिकारिक सूचना भी मिल जाएगी।

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