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मध्यप्रदेश

चुनावी समीकरण साधने में जुटे विधायक एकमुश्त मांगी विधायक निधि

भोपाल। नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए विधायक चुनावी समीकरण साधने में जुट गए हैं। निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाने के साथ भूमिपूजन का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।

विधायकों ने सरकार से निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि एकमुश्त जारी करने की मांग की है। विधानसभा की समिति भी इससे सहमत है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अनुमोदन मिलते ही योजना, आर्थिक सांख्यिकी विभाग द्वारा इसी माह आदेश जारी किए जा सकते हैं।

विधायकों को निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये और पचास लाख रुपये की स्वेच्छानुदान निधि मिलती है। मुख्यमंत्री ने स्वेच्छानुदान 25 लाख रुपये बढ़ाने की घोषणा की है। भाजपा और कांग्रेस के विधायक चाहते हैं कि उन्हें निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि दो के स्थान पर एक ही किस्त में दी जाए। इससे वे विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले प्रस्तावों को स्वीकृति देकर कलेक्टर को भेज देंगे ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया समय से पूरी हो जाए।

दरअसल, विधायक इस निधि का उपयोग क्षेत्रीय समीकरणों के अनुसार करते हैं। इस बार अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू जाएगी। इसे देखते हुए सबकी मांग है कि राशि एक बार में ही आवंटित कर दी जाए ताकि वे उसका पूरा उपयाेग कर सकें। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम द्वारा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में बनाई समिति भी इससे सहमत है।

उधर, भाजपा के वरिष्ठ विधायक और समिति के सदस्य यशपाल सिंह सिसौदिया का कहना है कि विधायक निधि का पूर्ण उपयोग हो सके, इसके लिए एकमुश्त राशि मिलनी चाहिए। इससे विधायक स्थानीय आवश्यकता का आकलन करके समय से स्वीकृति दे सकेंगे।

वहीं, कांग्रेस विधायक तरुण भनोत का कहना है कि लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि एक साथ बजट आवंटन दे दिया जाए ताकि ओर से विधायक निधि एक बार में मिले, इस पर सभी सहमत हैं। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्वेच्छानुदान में वृद्धि की घोषणा सदन में मुख्यमंत्री ने की है। इसके आदेश जल्द ही जारी होंगे। वहीं, विधायक निधि के उपयोग के संबंध में सरकार के स्तर से समिति की अनुशंसा पर निर्णय लिया जाएगा।

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