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मध्यप्रदेश

केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन को भी स्वस्थ रखता है जुंबा

इंदौर। कहते हैं कि पहला सुख निरोगी काया। यह बात सौ प्रतिशत सही है और इसलिए ही लोग निरोगी रहने के लिए तरह-तरह के जतन करते हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों में से एक है जुंबा। वर्तमान में जुंबा बहुतायत से अपनाया जा रहा है। यह केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन को भी स्वस्थ रखता है। जुंबा इंस्ट्रक्टर आरती माहेश्वरी बताती हैं कि जुंबा एक ऐसा तरीका है जिसे अपनाकर हर कोई स्वस्थ रहा जा सकता है। इसे पांच वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष तक का बुजुर्ग भी कर सकता है।

आरती माहेश्वरी कहती हैं कि स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरुरी है खुश रहना। यह काम भी जुंबा से हो सकता है। असल में जुंबा डांस और म्यूजिक दोनों से ही जुड़ा होता है और डांस व म्यूजिक मन को प्रसन्न व स्वस्थ रखने में बहुत कारगर होते हैं। इसके रियाज से शरीर रिद्म में आता है। यह शरीर की कैलोरी को भी कम करता है। इसके अलावा यह हमें सामाजिक बनाता है क्योंकि जुंबा कई लोगों के साथ किया जाता है और जब कई लोग एक साथ होते हैं तो वे आपस में जुड़ते भी हैं।

सामाजिक होना भी सेहत के लिए अच्छा होता है। जहां तक बात है इसे करने की तो इसे सुबह या शाम किसी भी वक्त किया जा सकता है पर इस बात का ध्यान रखें कि भोजन करने के दो घंटे बाद ही इसे करें उससे पहले नहीं। अन्यथा शरीर पर इसका विपरित परिणाम पड़ सकता है। यह एक कार्डियो एक्सरसाइज है और उछलकूद करना ही जुंबा नहीं है। इसे करने के लिए पहले किसी प्रशिक्षक से प्रशिक्षण प्राप्त करें। यह दूसरों को देखकर नहीं करें बल्कि आपकी जितनी क्षमता है उतना ही इसे करें। यह आपके शरीर को गतिशील बनाता है।

जिन्हें पीठ में दर्द हो, हृदय रोगी, थायराइड के रोगी या जिन्हें पहले से कोई गंभीर रोग है वे इसे चिकित्सकीय परामर्श से ही करें। इसे सप्ताह में पांच दिन से ज्यादा नहीं करना चाहिए और एक दिन में एक घंटे से अधिक नहीं करना चाहिए। अगर जुंबा करते हैं तो भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में शामिल करें

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