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मध्यप्रदेश

गाइड लाइन के तहत 750 लोकेशन पर संपत्तियों के मूल्य बढ़ने से संपत्तिकर में भी होगी बढ़ोतरी

भोपाल। नगर निगम द्वारा भले ही नए वित्तीय वर्ष 2023 – 24 के बजट में टैक्स न बढ़ाने की बात कही जा रही हो लेकिन दो साल पहले किए गए अमिटमेंट के चलते हर साल टैक्स बढ़ने की तैयारी है। इसका सीधा असर साढ़े तीन लाख संपत्तिकर दाताओं पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

दरअसल वित्तीय वर्ष 2020-21 में संपत्तिकर वसूली के नियमों में संशोधन कर तय किया गया था कि अब कर में बढ़ोतरी कलेक्टर गाइड लाइन के आधार पर होगी। चूंकि नए वित्त्तीय वर्ष में शहरभर के 750 से ज्यादा लोकेशन पर कलेक्टर गाइड लाइन बढ़ाने की तैयारी है लिहाजा इन स्थानों पर नगर निगम द्वारा 2-10 फीसदी टैक्स स्वत: बढ़ जाएगा। इसको लेकर भी आम करदाता में यह भ्रम है कि दो हजार का टैक्स बढ़कर 22 तक हो सकता है लेकिन यह भी निगम के द्वारा निकाले जाने वाले वार्षिक मूल्य भाड़े पर निर्भर करता है लिहाजा निगम द्वारा भले ही बजट बुक में टैक्स न बढ़ाया जाए लेकिन हर साल उसका टैक्स बढ़ना गाइड लाइन के आधार पर तय कर दिया है जिसकी वजह से उसे बीते वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार टैक्स ज्यादा देना होगा। इस अमिटमेंट के तहत तय किया गया था कि निगम द्वारा गाइड लाइन बढ़ाए जाने पर न्यूनतम 2 फीसदी तो अधिकतम 10 फीसदी तक टैक्स बढ़ाने का अधिकार रहेगा। इसी के चलते अब जिन लोकेशन पर गाइड लाइन में जितना इजाफा होगा उतना टैक्स ज्यादा देना होगा।

रिफार्म के तहत निगम ने किए कई सारे सुधार

नगर निगम द्वारा इस साल 500 करोड़ का टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा गया है जो कि पूरा होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में तीन सौ करोड़ से 500 करोड़ तक राजस्व वसूली लाने के लिए निगम ने कई सारे सुधार किए है जिसके चलते झुग्गियों पर टैक्स लगाने से लेकर टैक्स की दरें बढ़ाने और आय के स्त्रोत बढ़ाने पर काम किया गया। इसी के चलते वित्तीय वर्ष 2020-21 में संपत्तिकर वसूली के नियमों में संशोधन कर टैक्स वसूली बढ़ाने पर काम किय गया है।

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