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मध्यप्रदेश

बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन की धीमी रफ्तार स्कूलों से नहीं छोड़े जा रहे शिक्षक

जबलपुर। शासकीय एमएलबी स्कूल में चल रहे मूल्यांकन की गति धीमी बनी हुई है, इसकी वजह मूल्यांकनकर्ताओं की कमी है। शिक्षक मूल्यांकन करने ही नहीं आ रहे हैं। जिला समन्वयक की तरफ से करीब 500 शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए पत्र जारी किया गया है लेकिन सिर्फ 150 शिक्षक ही पहुंच रहे हैं। इस वजह से दस दिन में 35 हजार कापियों का मूल्यांकन कार्य संपन्न हो पाया है। बता दें कि स्कूलों में नवमीं और ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षा एक अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। इसके अलावा पाचवीं-आठवीं की परीक्षा होने से अधिकांश शिक्षक परीक्षा ड्यूटी में व्यस्त हैं। ऐसे में स्कूलों से शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए रिलीव नहीं किया जा रहा है। जिला समन्वयक ने शिक्षकों की कमी को लेकर विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों को पत्र लिखकर शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए भेजने की बात कही है। शिक्षकों के नहीं आने से मूल्यांकन कार्यों में लगातार लेट लतीफी हो रही है जिसका असर परिणाम आने में भी पड़ सकता है।

20 दिन में एक लाख कापियों का लक्ष्यः

एमएलबी स्कूल में मूल्यांकन कार्य की समन्वयक प्रभा मिश्रा ने परीक्षा कापियों के मूल्यांकन को लेकर कहा कि अभी तक 35 हजार कापियों का मूल्यांकन किया जा चुका है। जबकि 20 दिन दिन में एक लाख कापियों का मूल्यांकन कार्य पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि तय लक्ष्य से आधा भी अभी तक नहीं हुआ है ऐसी स्थिति प्रदेश के अन्य जिला मूल्यांकन केंद्रों में भी बनी हुई है। परीक्षाओं के संचालन की वजह से अभी शिक्षक नहीं आ पा रहे हैं। ज्ञात हो कि एक शिक्षक को दिनभर में 20 कापियों का मूल्यांकन करने के लिए दिया जा रहा है जिस वजह से मूल्यांकन की रफ्तार कम बनी हुई है।

हर साल बनती है स्थितिः

बताया जा रहा है कि परीक्षा होने के बाद उत्तर पुस्तिकओं के मूल्यांकन के समय हर वर्ष यही स्थिति पैदा होती है। बार-बार मूल्यांकनकर्ताओं को बुलाने के बावजूद वे नहीं पहुंचते हैं और जिसके कारण मूल्यांकन कार्य धीमा हो जाता है।

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