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मध्यप्रदेश

अयोग्य मानसेवी शिक्षकों को हटाने में कांप रहे जेयू के हाथ

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में अयोग्य मानसेवी शिक्षकों के खिलाफ मुद्दा उठे एक महीना होने को आया, लेकिन यह अभी भी जेयू में बेधड़क काम कर रहे हैं। वहीं जेयू प्रबंधन की बात करो तो मानो इन मानसेवी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने में इनके हाथ कांपते हैं। जेयू के कुलपति प्रो अविनाश तिवारी ने कहा था कि नैक निरीक्षण के तुरंत बाद इस मामले में कार्रवाई होगी, लेकिन नैक टीम के जाने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में ही है। सवाल करो तो जिम्मेदार डीआर और अन्य अधिकारी बचते नजर आते हैं। किसी को यह तक नहीं पता होता कि कार्रवाई किस स्तर पर चल रही है। जानकारी के लिए बता दें कि चार मार्च को जारी आदेश में जेयू के परीक्षा नियंत्रक डा. अनिल कुमार शर्मा ने सभी मानसेवी शिक्षकों से उनके दस्तावेज मांगे थे, जिन्हें जमा करने के लिए उन्हें चार दिन का समय दिया गया था। इसके बाद डा. शर्मा निजी काम के चलते अवकाश पर चले गए। प्रभार डीआर राजीव मिश्रा पर रहा, जब 10 दिन बीत जाने पर उनसे पूछा कि शिक्षकों ने दस्तावेज जमा कर दिए हैं क्या? तो वह एआर जगपाल यादव पर बात डाल कर बचते आए। वर्तमान में किसी भी अधिकारी के पास इस मामले को लेकर कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं है।

द्यअयोग्य मानसेवी शिक्षकों में जेयू के वह लोग शामिल हैं जो जेयू में काम तो कर रहे हैं लेकिन नियमों के दायरे में नहीं आते है। इसमें 82 से 85 वर्ष तक के बुजुर्ग बैठकर टेबुलेशन चार्ट में काम कर रहे हैं। नान पीएचडी शिक्षण पढ़ा रहे हैं। कुछ एेसे भी हैं जो किसी विभाग में पढ़ा भी रहे हैं साथ ही प्रशासनिक भवन मे काम भी कर रहे हैं। कुछ मानसेवी शिक्षक ऐसे हैं जो न तो पीएचडी या नैट किए है और न ही परिनियम 28/17 के अंतर्गत अाते हैं। इससे पहले इन्हें 3 बार हटाया जा चुका है फिर भी इतने सब के बावजूद यह सभी मानसेवी शिक्षक जेयू में काफी समय से काम कर रहे हैं।

अब तक नैक निरीक्षण के चलते पूरा ध्यान उसी पर था , मंगलवार से जेयू खुलेगा, सबसे पहली कार्रवाई इन्हीं पर होगी। पूरी जांच के बाद जो अयोग्य मिलेंगे उनपर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रो. अविनाश तिवारी , कुलपति,

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