ब्रेकिंग
भोपाल मेट्रो: रोज करीब 5 लाख रुपये खर्च, महीनेभर में सिर्फ 5 लाख रुपये की आय पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी भोपाल की हरियाली पर फिर खतरा, शिवाजी नगर से चार इमली तक री-डेंसिफिकेशन की तैयारी क्या दतिया में फिर से उपचुनाव होगा? बढ़ेंगी घनश्याम सिंह की मुश्किलें? मध्य प्रदेश में लागू नहीं होगा 27 प्रतिशत OBC आरक्षण, 14% मान्य, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला 450 करोड़ के रेलवे स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें MPPSC की परीक्षा अगले साल दो बार होगी , 12 मेडिकल कॉलेज बनेंगे , सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान CM यूथ कॉन्क्लेव 2026’ 6 अक्टूबर को भोपाल में होगा अमित शाह का भोपाल दौरा: 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का किया भूमिपूजन सीएम मोहन यादव की बड़ी सौगात, 'भोपाल मास्टर प्लान-2047' का ड्राफ्ट तैयार
विदेश

म्यांमार सेना ने विद्रोही समूह के एक कार्यक्रम पर किया हमला, कम से कम 30 की मौत

बर्मा। म्यांमार के मध्य क्षेत्र में कम से कम 30 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। बता दें कि सैन्य शासन के विरोध में आंदोलनकारियों ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिस पर म्यांमार की सेना ने हमला कर दिया। इस विद्रोह में 30 लोगों की मौत हुई है।

सागैंग क्षेत्र के निवासियों का हवाला देते हुए, बीबीसी बर्मीज, रेडियो फ्री एशिया (RFA), और इरावदी समाचार पोर्टल ने बताया कि हमले में नागरिकों सहित 50 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि,समाचार एजेंसी रायटर्स की इस मामले में अब तक सत्तारूढ़ सेना के प्रवक्ता से बातचीत नहीं हो पाई है।

इससे पहले 14 मार्च को म्यांमार सेना ने एक बौद्ध मठ पर हमला कर 28 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। एक विद्रोही संगठन कारेन्नी नेशनलिस्ट डिफेंस फोर्स (केएनडीएफ) ने यह दावा किया था।

म्यांमार में सैन्य शासन

म्यांमार की सेना ने एक फरवरी, 2021 को आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार से सत्ता हथिया ली थी। इसके बाद उन्हें और उनकी सत्तारूढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। इसके खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन हुए और लगभग 2 हजार से अधिक नागरिकों की मौत हो गई। इस सैन्य कार्रवाई ने देश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को हथियार उठाने के लिए मजबूर किया।

UN प्रमुख ने लोकतंत्र को लेकर उठाई आवाज

दो साल पहले म्यांमार में सेना ने सरकार पर कब्जा कर लिया था। इसी को लेकर अब संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने म्यांमार के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के लिए अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने म्यांमार के सेनाओं को चेतावनी दी है कि नागरिकों और राजनीतिक नेताओं पर कार्रवाई से सेना के नियोजित चुनाव देश में अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव म्यांमार में सभी प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं,क्योंकि इससे देश के हालात बिगड़ रहे हैं और ये गंभीर क्षेत्रीय प्रभाव को भी बढ़ावा दे रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button